जब अदालत में खुलेगा धर्मांतरण के रहस्यमयी नेटवर्क का राज, राजन मिश्रा की ‘आर्टिकल 25’ मचाएगी हलचल
Mumbai (Anil Bedag): सिनेमा जब समाज के संवेदनशील और जटिल मुद्दों को कहानी के जरिए सामने लाता है, तो उसका असर पर्दे से कहीं आगे तक जाता है। ऐसी ही एक कोशिश है बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘आर्टिकल 25’, जो धर्मांतरण, न्याय, सत्ता के कथित दुरुपयोग, राजनीतिक दबाव और साजिश जैसे संवेदनशील विषयों को कोर्टरूम ड्रामा के अंदाज में प्रस्तुत करने जा रही है। मेगापिक्सल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनी यह फिल्म अब शूटिंग पूरी करने के बाद रिलीज के लिए तैयार है।
फिल्म की कहानी लखनऊ की युवा मनोचिकित्सक सारा शेख के इर्द-गिर्द बुनी गई है। एक भयावह घटना उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देती है। हालात ऐसे बनते हैं कि उसके सामने परिवार और राजनीतिक दबाव के आगे झुकने या फिर न्याय के लिए आवाज उठाने के बीच चुनाव करने की चुनौती खड़ी हो जाती है। सारा पीछे हटने के बजाय न्याय की लड़ाई लड़ने का फैसला करती है और यहीं से शुरू होती है एक ऐसी कानूनी जंग, जो धीरे-धीरे उसकी निजी जिंदगी से निकलकर एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक सवाल का रूप ले लेती है।
अदालत में मुकदमा जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, कहानी की परतें खुलती जाती हैं। सत्ता, भ्रष्टाचार, राजनीतिक साजिश और बड़े स्तर पर धर्मांतरण से जुड़े कथित नेटवर्क के चौंकाने वाले पहलू सामने आने लगते हैं। सारा की लड़ाई अब सिर्फ अपने लिए नहीं रह जाती, बल्कि सच और न्याय की तलाश में बदल जाती है। फिल्म इसी संघर्ष को कोर्टरूम के तनाव, सवाल-जवाब और नाटकीय घटनाक्रम के माध्यम से पर्दे पर उतारने का प्रयास करती है।
‘आर्टिकल 25’ की खासियत इसका संवेदनशील विषय होने के साथ-साथ इसका कोर्टरूम ट्रीटमेंट भी है। फिल्म दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करने की कोशिश करती है कि जब व्यक्तिगत अधिकार, सामाजिक विश्वास, राजनीतिक प्रभाव और न्याय व्यवस्था आमने-सामने हों, तो सच की तलाश कितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। फिल्म में यशपाल शर्मा, विन्न मोडगिल, राजगोपाल अय्यर, शक्ति कुमार, सुशील पराशर, आकांक्षा पांडे, पारुल राय और गरिमा कपूर प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। कलाकारों की यह मजबूत टीम कहानी के अलग-अलग किरदारों में जान फूंकने की कोशिश करेगी। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी गौतम चौधरी ने की है, जिससे कहानी के कोर्टरूम तनाव और भावनात्मक उतार-चढ़ाव को प्रभावशाली विजुअल ट्रीटमेंट मिलने की उम्मीद है।
फिल्म का लेखन और निर्देशन राजन मिश्रा एवं अंशुमन श्रीवास्तव ने किया है। इसके निर्माता राजन मिश्रा, तिरस पाल सिंह और अखिलेश त्रिपाठी हैं। मेगापिक्सल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले तैयार की गई यह फिल्म विषय की गंभीरता के साथ-साथ मनोरंजक और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति का दावा करती है। राजन मिश्रा के लिए ‘आर्टिकल 25’ एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। फिल्म के जरिए धर्मांतरण के नेटवर्क और उससे जुड़े कथित दुष्प्रचार को कहानी का हिस्सा बनाया गया है।
‘आर्टिकल 25’ एक ऐसी कहानी लेकर सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है, जिसमें अदालत सिर्फ मुकदमे की जगह नहीं, बल्कि सच और सत्ता के बीच टकराव का मैदान बनती दिखाई देगी। सवाल कई हैं, जवाब अदालत में तलाशे जाएंगे और फैसला दर्शक करेंगे कि यह कहानी उन्हें कितना सोचने पर मजबूर करती है।

