सोनू त्यागी ने अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर उठाए सवाल, विवाद के बाद विज्ञापन वापस

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सोनू त्यागी ने अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन पर उठाए सवाल, विवाद के बाद विज्ञापन वापस

Mumbai: गो स्पिरिचुअल और अप्रोच एंटरटेनमेंट के संस्थापक,  अवार्ड-विनिंग   लेखक, निर्देशक और निर्माता सोनू त्यागी ने अभिनेत्री कृति सेनन के रक्षाबंधन ज्वेलरी विज्ञापन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार के विज्ञापन में त्योहार की भावना, भाई-बहन के रिश्ते और भारतीय संस्कृति को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए। विज्ञापन को लेकर विवाद और आलोचना के बाद अब ज्वेलरी ब्रांड जीवा ने इसे वापस ले लिया है।

जीवा के लिए बनाए गए इस विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन रक्षाबंधन मनाते हुए ऑफ-व्हाइट ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट में नजर आई थीं। विज्ञापन सामने आने के बाद कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके पहनावे को लेकर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि भाई-बहन के पवित्र और सुरक्षा के रिश्ते को समर्पित रक्षाबंधन जैसे त्योहार के विज्ञापन में इस तरह की स्टाइलिंग उचित है या नहीं, इस पर ब्रांड को विचार करना चाहिए।

विवाद और आलोचना बढ़ने के बाद जीवा ने अब इस विज्ञापन को वापस ले लिया है। सोनू त्यागी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक व्यावसायिक अवसर नहीं है। यह भाई और बहन के बीच प्यार, विश्वास, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी एक गहरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है।

सोनू त्यागी ने कहा, “रक्षाबंधन भाई और बहन के सबसे पवित्र रिश्तों में से एक का त्योहार है। यह रिश्ता प्यार, विश्वास, सम्मान और सुरक्षा पर आधारित है। जब किसी विज्ञापन में इस पवित्र रिश्ते से ज्यादा फैशन, स्किन शो और कंटेंट को वायरल बनाने पर ध्यान दिया जाता है, तो त्योहार की असली भावना कमजोर हो जाती है।”

सोनू त्यागी ने आधुनिकता और महिला सशक्तिकरण के नाम पर रिवीलिंग कपड़ों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं समझता कि रक्षाबंधन मनाने के लिए किसी महिला को रिवीलिंग ड्रेस पहनने की क्या जरूरत है। कम कपड़े पहनने से कोई महिला कैसे सशक्त हो जाती है? अगर इसी विज्ञापन में कोई पुरुष अभिनेता अंडरवियर में दिखाई देता, तो क्या उसे आधुनिक या प्रगतिशील माना जाता? इसका जवाब साफ है। ब्रांड्स को संस्कृति के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। सिर्फ टीआरपी, व्यूज या किसी विज्ञापन को वायरल बनाने के लिए हिंदू परंपराओं और महिलाओं की गरिमा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।”

सोनू त्यागी ने कहा कि फिल्मों और किसी खास त्योहार के लिए बनाए गए विज्ञापन के बीच अंतर को भी समझना जरूरी है। उन्होंने कहा, “यह कोई फिल्म नहीं है, जहां कहानी की जरूरत के अनुसार किसी खास तरह के कपड़ों की जरूरत हो सकती है। यह खास तौर पर रक्षाबंधन के लिए बनाया गया विज्ञापन था। ब्रांड्स और विज्ञापन बनाने वालों को हिंदू त्योहारों पर विज्ञापन बनाते समय उस त्योहार की संस्कृति, परंपरा और भावनाओं को समझना चाहिए। पवित्र त्योहारों को संवेदनशीलता के साथ दिखाने की जरूरत है, सनसनी के साथ नहीं।”

सोनू त्यागी ने कहा कि अगर किसी त्योहार के विज्ञापन को देखने के बाद लोगों का ध्यान त्योहार के संदेश से हटकर केवल कपड़ों पर चला जाए, तो विज्ञापन अपने असली उद्देश्य से दूर हो जाता है।

उन्होंने कहा, “रक्षाबंधन का असली संदेश भाई-बहन का प्यार, सुरक्षा का वादा, भावनात्मक जुड़ाव और हमारी सांस्कृतिक परंपराएं हैं। विज्ञापन में इन बातों को प्रमुखता से दिखाया जाना चाहिए। अगर लोगों की चर्चा त्योहार की जगह केवल अभिनेत्री के कपड़ों पर होने लगे, तो ब्रांड्स को यह समझना चाहिए कि कहीं विज्ञापन का असली संदेश पीछे तो नहीं छूट गया।”
आध्यात्मिक नजरिए से सोनू त्यागी ने कहा कि भारतीय परंपराओं में परिवार और रिश्तों के बीच मर्यादा, सादगी और सम्मान को हमेशा महत्व दिया गया है। उन्होंने कहा, “भाई-बहन का रिश्ता हमारी संस्कृति के सबसे पवित्र रिश्तों में से एक है। इसे संवेदनशीलता, गरिमा और सम्मान के साथ दिखाया जाना चाहिए। किसी पवित्र त्योहार को रिवीलिंग फैशन दिखाने का मंच बनाना प्रगतिशीलता नहीं है।

यह उस त्योहार और उससे जुड़ी भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता है।” अब विज्ञापन वापस लिए जाने के बाद सोनू त्यागी ने कहा कि यह जरूरी है कि ब्रांड्स लोगों की भावनाओं को समझें और भारतीय त्योहारों से जुड़े विज्ञापन बनाते समय संस्कृति का सम्मान करें। उन्होंने कहा कि विज्ञापन की दुनिया में क्रिएटिविटी और आधुनिक सोच जरूरी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि त्योहारों की मूल भावना को नजरअंदाज कर दिया जाए। ब्रांड्स आधुनिक और आकर्षक विज्ञापन बना सकते हैं, लेकिन उनमें संस्कृति, परंपरा और रिश्तों की गरिमा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

सोनू त्यागी ने कहा कि जीवा द्वारा विज्ञापन वापस लिए जाने के बाद यह मामला विज्ञापन और मार्केटिंग इंडस्ट्री के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है। किसी भी त्योहार पर विज्ञापन बनाते समय केवल चर्चा, व्यूज और वायरल होने को सफलता का पैमाना नहीं बनाया जाना चाहिए। लोगों की भावनाओं और सांस्कृतिक संदर्भ को समझना भी उतना ही जरूरी है।

सोनू त्यागी एक जाने-माने अवार्ड-विनिंग  लेखक, निर्देशक और निर्माता हैं और उन्हें भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने साइकोलॉजी में डिग्री ली है और एडवरटाइजिंग मैनेजमेंट, जर्नलिज्म और फिल्ममेकिंग की भी पढ़ाई की है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रमुख एडवरटाइजिंग एजेंसियों और मीडिया हाउसेज के साथ की और 24 वर्ष की उम्र में अपने वेंचर्स की शुरुआत की। उन्होंने प्रोडक्शन, मार्केटिंग, राइटिंग और क्रिएटिव कंसल्टेशन के क्षेत्र में 40 से अधिक बॉलीवुड फिल्मों में योगदान दिया है।

उन्होंने अभिनेता राकेश बेदी अभिनीत आध्यात्मिक वेब सीरीज टू ग्रेट मास्टर्स का सह-निर्माण और क्रिएशन किया है। यह सीरीज स्वामी विवेकानंद और परमहंस योगानंद की शिक्षाओं पर आधारित है। वह राजपाल यादव, ब्रजेंद्र काला, हेमंत पांडे और सारा खान अभिनीत व्यंग्यात्मक हिंदी कॉमेडी फिल्म कैंप डीसेंट के क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं। वह ग्लोबल फिल्म लिबरेशन के सह-निर्माता भी हैं।

सोनू त्यागी को उनके काम के लिए युवा रत्न अवॉर्ड, बिज इंडिया 2010 अवॉर्ड, सर्विस एक्सीलेंस अवॉर्ड और पीआर एजेंसी ऑफ द ईयर अवॉर्ड सहित कई सम्मान मिले हैं। उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में टॉप मोस्ट लीडर्स इन मेंटल हेल्थ के रूप में भी सम्मानित किया गया है।

अप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप की स्थापना और नेतृत्व सोनू त्यागी करते हैं। यह एक मल्टी-वर्टिकल एंटरटेनमेंट और कम्युनिकेशंस ग्रुप है। यह फिल्म प्रोडक्शन, सेलिब्रिटी मैनेजमेंट, एडवरटाइजिंग और कॉरपोरेट फिल्म्स, फिल्म मार्केटिंग, इवेंट्स और एंटरटेनमेंट मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करता है। ग्रुप के अंतर्गत अप्रोच कम्युनिकेशंस, जो पीआर, डिजिटल और इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशंस एजेंसी है, और अप्रोच बॉलीवुड, जो बॉलीवुड और एंटरटेनमेंट न्यूजवायर और ऐप है, भी शामिल हैं। ग्रुप भारत के कई प्रमुख शहरों में काम करता है और व्यावसायिक काम के साथ सार्थक कंटेंट और सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान देता है।

गो स्पिरिचुअल की स्थापना सोनू त्यागी ने एक आध्यात्मिक और वेलनेस संगठन के रूप में की है। यह आध्यात्मिक जागरूकता, समाज सेवा, मानसिक स्वास्थ्य और वेलनेस, आयुर्वेद, मीडिया, आध्यात्मिक पर्यटन, ऑर्गेनिक जीवन और सामाजिक मुद्दों के क्षेत्र में काम करता है। गो स्पिरिचुअल, अप्रोच एंटरटेनमेंट ग्रुप की एक पहल है। यह गो स्पिरिचुअल न्यूज मैगजीन और ऐप भी चलाता है और भविष्य में वेब टीवी और ओटीटी कंटेंट शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य सकारात्मक, आध्यात्मिक और जागरूक जीवन से जुड़ा कंटेंट लोगों तक पहुंचाना है। गो वेज और भूख मिटाओ जैसे अभियानों के माध्यम से गो स्पिरिचुअल करुणा, सांस्कृतिक संवेदनशीलता, आंतरिक संतुलन और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देता है।

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