मुंबई का ‘Sukoon Nilaya’ : गंभीर मरीजों को मुफ्त इलाज के साथ मिल रहा अपनापन, सम्मान और मानसिक संबल
Mumbai: गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को सिर्फ दवाओं की नहीं, बल्कि अपनापन, संवेदना और मानसिक संबल की भी जरूरत होती है। इसी मानवीय सोच के साथ मुंबई का ‘सुकून निलया’ उन वयस्कों और बच्चों के जीवन में राहत की उम्मीद जगा रहा है, जो कैंसर के अलावा तंत्रिका तंत्र, फेफड़ों, गुर्दे और लिवर की गंभीर एवं जीवन-सीमित बीमारियों से जूझ रहे हैं।
किंग जॉर्ज पंचम मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा संचालित यह केंद्र 2021 में 12 बिस्तरों की छोटी-सी पहल के रूप में शुरू हुआ था। आज यह 35 बिस्तरों वाली सुविधा बन चुका है, जहां सभी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। यहां मरीजों को चिकित्सा उपचार, फिजियोथेरेपी, परामर्श और दर्द व अन्य लक्षणों से राहत देने वाली सेवाएं मिलती हैं।
विश्व हॉस्पिस एवं उपशामक देखभाल दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. एरिक बोर्जेस ने कहा, “हमारा उद्देश्य परिवारों को आवश्यक जानकारी, कौशल और सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे घर पर भी मरीजों की उचित देखभाल जारी रख सकें।
‘सुकून निलया’ की खासियत यह है कि यहां मरीजों के साथ उनके परिजनों की जरूरतों को भी समझा जाता है। उन्हें घर पर देखभाल का प्रशिक्षण दिया जाता है, जबकि फोन और वीडियो परामर्श से मरीजों का फॉलो-अप भी किया जाता है। महाराष्ट्र में उपशामक देखभाल की बड़ी जरूरत के बीच यह पहल याद दिलाती है कि इलाज का अर्थ केवल बीमारी से लड़ना नहीं, बल्कि मरीज को सम्मान, राहत और भावनात्मक सहारा देना भी है।

