UP Panchayat Elections: हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी योगी सरकार, पंचायती राज मंत्री राजभर ने बताईं मुश्किलें
Lucknow: यूपी में पंचायत चुनाव कराने को लेकर हाईकोर्ट द्वारा गत बुधवार को दिए गए फैसले के खिलाफ यूपी की योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी. प्रदेश सरकार का मानना है कि 3 माह में यूपी पंचायत चुनाव करा पाना आसान नहीं है. राज्य में चल रही जातीय जनगणना, होने वाली बोर्ड परीक्षाएं और अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर शिक्षक और सरकारी कर्मचारी व्यस्त हैं. इन परिस्थितियों में इलाहाबाद हाईकोर्ट के 3 माह में पंचायत चुनाव कराने के दिए गए आदेश का पालन करना संभव नहीं है.
इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण तय करने के लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट भी आगामी दिसंबर के पहले मिलना संभव नहीं हैं. इसी वजह से सरकार ने यूपी पंचायत चुनाव कराने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के दिए गए आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है. प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अध्ययन के बाद जल्दी ही सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की जाएगी.
मंत्री राजभर का कथन
यूपी के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के अनुसार, यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का आरक्षण तय करने के लिए राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन गत 20 मई को किया था. इस आयोग का कार्यकाल 20 नवंबर को पूरा होगा. सरकार को इस आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है. फिलहाल पिछड़ा वर्ग आयोग अब तक 75 में से 42 जिलों में सर्वे और भ्रमण का कार्य काम पूरा कर चुका है.
समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राम औतार सिंह ने सरकार को बताया है कि जल्दी ही वह अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे. इसके बाद ही यूपी पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी लेकिन इसी बीच विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी जो पकड़ लेगी. यूपी के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर कहते हैं कि न्यायपालिका के प्रति सरकार का पूरा सम्मान और विश्वास है. अभी विभाग में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है. हाईकोर्ट के निर्देशों को समझा जा राहा है और इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट जाएगा जाएगा. सरकार न्यायालय के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों का पूरा सम्मान करते हुए ही आगे की दिशा तय करेगी.
इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को ग्राम पंचायत चुनाव मामले में एक अहम फैसला सुनाते हुए यूपी सरकार को 3 महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जब तक नए चुनाव संपन्न नहीं हो जाते, तब तक सभी निवर्तमान ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे, यह फैसला न्यायमूर्ति जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की डिवीजन बेंच ने बुधवार को अदालत में सुनाया था. प्रयागराज के इम्तियाज हुसैन और अन्य द्वारा समय पर पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर दायर की गई यह याचिका पर फैसला सुनाया गया था.

